प्रेषण

प्रेषण से आशय
जब कोई प्रधान या प्रेषक माल बेचने अथवा वापस लेने की शर्त पर प्रेशानी, प्रतिनिधि अथवा  एजेंट को देता है तो उसे प्रेषण तथा इस व्यवहार को प्रेषण व्यवहार कहते हैं.


प्रेषण से आशय

प्रेषण की विशेषताएं
१. इसमें माल का जोखिम प्रेषक उठाता है.
२. प्रतिनिधि को उसकी सेवाओं के फलस्वरूप कमीशन दिया जाता है.
३. इसमें माल का स्वामित्व प्रेषक या प्रधान के पास होता है.
४. प्रतिनिधि के पास बचा हुआ माल प्रेषक को लौटा दिया जाता है.
५. इसमें समय समय पर एजेंट अपने प्रधान को बिक्री विवरण भेजता रहता है.

परिशोध कमीशन :-
यह वह कमीशन है जो उधार माल की रकम वसूली के उपलक्ष्य में दिया जाता है.

अधिभावी कमीशन :-
यह वह कमीशन है जो माल के बीजक मूल्य से अधिक मूल्य पर माल को बेचने के उपलक्ष्य में दिया जाता है.